Search This Blog

Showing posts with label नरेंद्र मोदी भाजपा. Show all posts
Showing posts with label नरेंद्र मोदी भाजपा. Show all posts

Friday, 29 March 2024

षड़यंत्र: चुनाव के समय भारत पर विदेशी टिप्पणियां

 

षड़यंत्र: चुनाव के समय भारत पर विदेशी टिप्पणियां 



अनेक विदेशी शक्तियां भारत के विरुद्ध लगातार षड़यंत्र कर रही है. अमरीका, कनाडा, जर्मनी, .... ये सभी भारत के आन्तरिक मामलों में बेतुकी टिपण्णी कर रहे हैं, झूठे आरोप भी लगा रहे हैं. यूरोपीय एवं अमरीकी एजेंसियां भुखमरी या Happiness इंडेक्स के माध्यम से भारत को घेरने की कोशिश कर रही है. ऐसा विशेषकर लोकसभा चुनाव के समय किया जा रहा है जिससे नरेंद्र मोदी एवं भाजपा के खिलाफ माहौल बनाया जा सके. 

नरेंद्र मोदी, भाजपा और कमल निशान 

यह स्वाभाविक भी है और विभिन्न राष्ट्रों की विदेश निति एवं कूटनीति का एक प्रमुख भाग है. हर देश अपने राष्ट्रहित को सुरक्षित रखने, बढ़ाने एवं अन्य देशों को कमजोर करने की रणनीति पर काम करती है. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार अपने राष्ट्रहित को आगे रखने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ती है. पश्चिमी देशों- यूरोप और अमरीका ने पिछले तीन चार सौ वर्षों तक औपनिवेशिक शासन के माध्यम से दुनिया पर राज किया है. इसलिए उनकी ऐसी आदत हो गई है की एसिया और अफ़्रीकी देशों के साथ वे गुलामों जैसा व्यवहार करें. लेकिन 21 वीं सदी में एशियन देशों खासकर भारत का  उभर कर आना उन्हें पच नहीं रहा. 2014 के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है. 

भारत की अर्थव्यवस्था  पिछले 10 वर्षों में ही नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में 12 वें से 5 वें पायदान पर आ गई है और तीन चार वर्षों में ही तीसरे स्थान पर पहुँच जाएगी. ऐसा करते हुए उसने इटली, ग्रेट ब्रिटेन, फ़्रांस, जैसी शक्तिशाली यूरोपीय देशों को पछाड़ा है और आनेवाले कुछ ही वर्षों में जर्मनी और जापान को पीछे छोड़नेवाली है. 


पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्बोधन 

आर्थिक महाशक्ति बनने के साथ साथ भारत की सैन्य शक्ति में भी भरी बढ़ोतरी हुई है. राफेल, S-400, पिनाका, स्वदेशी तेजस और AMCA ने भारत की वायुशक्ति को कई गुना बढ़ा दिया है. ब्रह्मोस और अग्नि 5 मिसाइल, स्वदेशी BMD, LRSAM, SAMAR २ जैसे मिसाइल डिफेंस सिस्टम अमरीका, रूस, चीन जैसे देशों के लिए भी ईर्ष्या का विषय बन चुके हैं. विश्व का सर्वाधिक हथियार आयातक देश से भारत अब हथियार निर्यात में अमरीका, रूस, चीन, फ़्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी जैसे देशों को टक्कर देने के लिए तैयार हो रहा है. पूर्व की भारतीय सरकारें बहुत जल्दी वैश्विक दवाव में आ जाती थी लेकिन नरेंद्र मोदी ने उनसे आँख से आँख मिला कर बात करना शूरू किया. इसमें विदेशमंत्री एस जयशंकर ने भारत की कूटनीति में बड़ी भूमिका निभाई. चाहे रूस से तेल खरीदना हो या S-400, भारत ने अमरीकी प्रतिबंधों की परवाह नहीं की.

अग्नि 5 मिसाइल

 इन सब कारणों से अमरीका एवं अन्य शक्तिशाली पश्चिमी देश नहीं चाहते की भारत में नरेंद्र मोदी की सरकार तीसरी बार चुन कर आये. उन्हें चाहिए कठपुतली सरकार जो उनके इशारे पे काम करे. भारत की ताकत बढ़ने से चीन एवं पाकिस्तान को भी भरी नुकसान हुआ है और वो भी नरेंद्र मोदी नीट भाजपा के स्थान पर भारत के केंद्र में एक कमजोर गठबंधन की सरकार देखना चाहते हैं जो उनके इशारों पर काम करे और उनके दबाव के आगे झुक जाये. 

अभी हाल ही में ED द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की शराब घोटाला मामले में गिरफ़्तारी के बाद जर्मनी के राजदूत ने अनावश्यक टिपण्णी की. भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा तालाब करने के बाद जर्मनी के सुर ढीले पड़े ही थे की अमरीकी राजदूत ने एक पत्रकार के प्रश्न के जवाब में वैसी ही टिपण्णी कर दी. हालाँकि भारत ने उन्हें भी बुलाकर 40 मिनट तक अच्छे से खरी खोटी सुनाई और भारत के आन्तरिक मामलों से दूर रहने की सलाह दी. इसके बाबजूद अगले ही दिन अमरीका के अधिकारीयों ने अमरीका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयकर विभाग द्वारा  कॉंग्रेस पर की गई कार्यवाही पर अनावश्यक टिपण्णी की. 


German Embassy to India Georg Enzweiler

निज्जर मामले में भारत के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाने के बाद भारत के जवाब एवं कार्यवाही से घबरा कर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो बैकफुट पर चले गए थे लेकिन अभी माहौल देखकर उन्होंने भी इस मामले को फिर से सुलगाना शुरू कर दिया है. वैसे ये बात तय है की भारत की जनता ने अपना मन बना लिया है और इन सभी विदेशी टिप्पणियों के बाबजूद इस बार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है और NDA अबकी बार चार सौ पार!! 

सादर,
संयोजक, जयपुर संभाग,
प्रभारी, पश्चिम बंगाल,


Sunday, 17 March 2024

अबकी बार चार सौ पार


"अबकी बार चार सौ पार" 2024 लोकसभा चुनाव में यह नारा है भारतीय जनता पार्टी का. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा तीसरी बार केंद्र में सरकार बनाने जा रही है. यूँ तो सरकार बनाने के लिए लोकसभा में 273 सदस्य ही काफी हैं लेकिन भाजपा ने 2014 एवं 2019 में भी इससे अधिक संख्या में जीत हासिल की थी. NDA के अपने सहयोगियों के साथ तो ये आंकड़ा और भी बहुत ज्यादा था. लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा का परिवार एवं लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है. 10 वर्षों के शासन के बाद भी कहीं कोई सरकार विरोधी लहार नहीं दिख रहा है. मोदी नीत भाजपा सरकार ने भारत में ही नहीं पुरे विश्व में कामयाबी के झंडे गाड़े हैं. 

भाजपा का कमल निशान 


इस सरकार के कार्यकाल में भारत विश्व में 11वीं से पांचवीं अर्थव्यवस्था बन चुकी है और शीघ्र ही तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है. देश की जीडीपी वृद्धि की दर विश्व में सर्वाधिक है. जहाँ युरोप और जापान की अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में है, चीन कर्ज के मकड़जाल में फंस कर अपने डगमगाते अर्थव्यवस्था को संभालने की कोशिश कर रहा है; वहीँ भारतीय अर्थव्यवस्था दनदनाते हुए आगे बढ़ रही है. भारत विश्व की आर्थिक और सैन्य महाशक्ति बनने की ओर तेजी से और दृढ़ता से कदम बढ़ा रहा है. यह नरेंद्र मोदी एवं उनकी टीम की सूझबूझ, ईमानदारी एवं कठोर परिश्रम का ही परिणाम है. 

भारत विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थ व्यवस्था 


भारत से शत्रुता रखनेवाले पड़ौसी देश पाकिस्तान की स्थित किसी से छिपी नहीं है, वह दिवालियेपन की ओर बढ़ रहा है. चीन के बारे में बता ही चुके हैं. इन दोनों ही देशों को सामरिक मोर्चे पर भारत कड़ी चुनौती दे रहा है. सीमा क्षेत्र में निरंतर आवश्यक निर्माण कार्य से पाकिस्तान ही नहीं चीन भी भौचक्का है. राफेल हो या अग्नि ५ मिसाइल, या पिनाका और बज्र भारत का सैन्य आधुनिकीकरण भी अपने पुरे शबाब में है. 

कश्मीर से धारा 370 हट गया, अयोध्या में राम मंदिर बन गया, कई भाजपा शासित राज्यों में सामान नागरिक संहिता भी लागु हो गई. अभी कुछ ही दिनों पूर्व देश में CAA भी लागु कर दिया गया. गरीबी कम हो गई और प्रति व्यक्ति आय तेज गति से बढ़ रहा है जिससे लोगों का जीवन स्तर तेजी से ऊपर उठ रहा है. भारत का शेयर बाजार उफान पर है और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज़ की जा रही है. विदेशी मुद्रा भंडार 635 अरब डॉलर के पर पहुँच गया है.

विपक्ष के INDI गठवन्धन का प्रयोग बुरी तरह विफल हो गया और भाजपा नीत NDA में दलों की संख्या बढ़ गई. राहुल गाँधी की न्याय यात्रा में लोग कहने लगे की कॉंग्रेस में ही न्याय नहीं मिलता! बड़ी संख्या में लोग कॉंग्रेस छोड़ कर भाजपा में आ रहे हैं. अन्य विपक्षी दलों की भी ये ही स्थिति है. परिवार बड़ी पार्टियां , अपनी अंतिम सांसे गईं रही है. शरद पवार, उद्धव ठाकरे, लालूप्रसाद यादव, अखिलेश यादव..... सबका बुरा हाल है.  

मजबूत क्षेत्रीय नेता के रूप में प्रख्यात ममता बनर्जी एवं स्टालिन की स्थिति भी अच्छी नहीं है. संदेशखाली प्रकरण के बाद बंगाल में ममता दीदी के भी पसीने छूट रहे हैं. दूसरी ओर सनातन के विरोध का स्टालिन का दांव भी तमिलनाडु में उल्टा पड़ता जा रहा है. बड़ी संख्या में भ्रष्टाचारी नेता जेल और बेल के चक्कर में फंसे हैं. कट्टर ईमानदार होने का दावा करनेवाले अरविन्द केजरीवाल जेल जाने के कगार पर हैं. 

ऐसी स्थिति में इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा का 400 पार जाना तय है. 

विपक्षियों में हाहाकार, भाजपा चार सौ पार 


सादर,
संयोजक, जयपुर संभाग,
प्रभारी, पश्चिम बंगाल,